छात्रवृत्ति योजना के लम्बित आवेदनों पर सख्ती, सीडीओ ने 31 दिसंबर तक निस्तारण के दिए निर्देश
कौशांबी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना वर्ष 2025–26 के अंतर्गत छात्र-छात्राओं द्वारा किए गए ऑनलाइन आवेदन पत्रों की समीक्षा एवं अग्रेतर कार्यवाही को लेकर मुख्य विकास अधिकारी श्री विनोद राम त्रिपाठी की अध्यक्षता में सरस हाल सभागार में शिक्षण संस्थाओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य संस्था स्तर पर लंबित छात्रवृत्ति आवेदनों के शीघ्र निस्तारण को सुनिश्चित करना रहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि संस्था स्तर पर जिन आवेदन पत्रों पर अभी तक आवश्यक कार्यवाही नहीं की गई है, उन्हें हर हाल में दिनांक 31 दिसंबर 2025 को सायं 5:00 बजे तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समयसीमा के बाद यदि किसी संस्था द्वारा लापरवाही पाई गई, तो संबंधित संस्था के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रचलित की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संस्था प्रबंधन की होगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करना है। ऐसे में आवेदन प्रक्रिया में अनावश्यक देरी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ के समान है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक श्री राजेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री दिलीप कुमार, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी श्री अश्वनी कुमार, प्राचार्य आईटीआई सिराथू सहित विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिकारियों ने संस्थाओं को आवेदन सत्यापन, दस्तावेजों की जांच एवं समयबद्ध ऑनलाइन अग्रेषण से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी शिक्षण संस्थाओं से अपेक्षा की कि वे शासन की मंशा के अनुरूप जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए छात्रवृत्ति आवेदनों का समय से निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि पात्र छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ समय पर प्राप्त हो सके।
रिपोर्ट- राकेश दिवाकर 9648518828
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