हार्ट अटैक मरीजों की जान बचाने को मेडिकल कॉलेज में ट्रेनिंग, डॉक्टर–पैरामेडिकल स्टाफ को दिए गए विशेष प्रशिक्षण
कौशांबी। हार्ट अटैक से होने वाली जनस्वास्थ्य की हानि को रोकने और मरीजों को ‘गोल्डन आवर’ में उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध चिकित्सालय में बृहस्पतिवार को एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण प्रदेश स्तर पर संचालित हृदय सेतु (STEMI केयर प्रोग्राम) के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य एसटी सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इंफार्क्शन (हार्ट अटैक) की शीघ्र पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने की। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि हार्ट अटैक से होने वाली मौतों को रोकने के लिए शुरुआती पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण है। कई बार मरीज अस्पताल पहुंचते-पहुंचते ‘गोल्डन टाइम’ निकल जाता है, जिससे मृत्यु दर बढ़ जाती है। उन्होंने इमरजेंसी विभाग के मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टाफ को हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों की पहचान, ईसीजी की तत्काल व्याख्या और मरीज को प्राथमिक उपचार देने की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
प्राचार्य डॉ. सिंह ने कहा कि गंभीर अवस्था में मरीज को बिना देरी नजदीकी हब सेंटर—मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज—को रेफर किया जाए, ताकि विशेषज्ञ उपचार समय पर मिल सके। उन्होंने बताया कि हृदय सेतु कार्यक्रम का मकसद जिले के सभी अस्पतालों, हब सेंटरों और एंबुलेंस सेवाओं के बीच समन्वय मजबूत करना है, जिससे हार्ट अटैक मरीज को 90 मिनट के भीतर प्रभावी चिकित्सा मिल सके।
कार्यक्रम में डॉ. सुरभि प्रकाश ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों को मरीजों के त्वरित उपचार की प्रोटोकॉल आधारित प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि हब सेंटर से संपर्क स्थापित करने, ईसीजी तुरंत भेजने, थ्रोम्बोलाइसिस की प्रक्रिया शुरू करने और मरीज को रेफर करने की पूरी कार्यप्रणाली बेहद सरल है, जिसे सभी स्टाफ को समय पर लागू करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हार्ट अटैक में सही समय पर किया गया उपचार जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभाता है, इसलिए इमरजेंसी स्टाफ को हर स्थिति में तत्पर रहना होगा।
प्रशिक्षण में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार शुक्ला, डॉ. रमेश यादव, डॉ. आत्मिक सिंह तथा परिचारिका हेड गायत्री यादव मौजूद रहीं। इसके अतिरिक्त सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट, इंटर्न, नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल कर्मियों ने सक्रियता से प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित स्टाफ को लाइव डेमो, ईसीजी की तकनीकी समझ और हृदय रोगियों के प्रबंधन के तौर-तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
चिकित्सालय प्रशासन ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में लगातार आयोजित किए जाएंगे, जिससे जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में हार्ट अटैक से होने वाली मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।
चीफ एडिटर- राकेश दिवाकर(Bharat TV Gramin) 9648518828,9454139866
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