कारागार बंदी की मौत पर मजिस्ट्रियल जांच शुरू, 22 दिसंबर तक बयान दर्ज करा सकेंगे नागरिक
कौशांबी/चित्रकूट। जिला कारागार चित्रकूट में निरुद्ध विचाराधीन बंदी कल्लू पुत्र नोहर (57) निवासी करछना, प्रयागराज की उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। बंदी कल्लू की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, प्रयागराज में भर्ती कराया गया था, जहां 12 अक्टूबर 2025 को सुबह 11:55 बजे उनकी मृत्यु हो गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिला मजिस्ट्रेट सदर, कर्वी (चित्रकूट) को जांच अधिकारी नामित किया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि बंदी की मृत्यु के वास्तविक कारणों की नियमानुसार जांच कर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करें।
जांच अधिकारी ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी करते हुए बताया कि इस घटना से संबंधित किसी भी व्यक्ति के पास यदि कोई तथ्य, साक्ष्य या बयान उपलब्ध है, तो वह इसे मजिस्ट्रियल जांच का हिस्सा बना सकता है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जनता की सहभागिता महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी संबंधित लोग खुले मन से सामने आएं और उपलब्ध जानकारी साझा करें।
इसके लिए लोगों को अंतिम तिथि 22 दिसंबर 2025 तक किसी भी कार्य दिवस में स्वयं उपस्थित होकर उप जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय, कर्वी में अपने लिखित या मौखिक बयान प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, यदि किसी के पास कोई प्रामाणिक दस्तावेज या अन्य साक्ष्य हैं, तो उन्हें भी प्रस्तुत किया जा सकता है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होगी। बंदी की मौत के कारणों का पता लगाने, संभावित लापरवाही की जांच करने और आवश्यक तथ्य सामने लाने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने लोगों से अपील की है कि न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करना सभी की साझा जिम्मेदारी है, ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी स्थितियों को रोका जा सके।
चीफ एडिटर- राकेश दिवाकर/अभिषेक चौधरी
9648518828,9454139866
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