जिलाधिकारी के निर्देशानुसार स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत
कौशांबी। जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरांयअकिल, कनैली एवं सिराथू का रात्रिकालीन आकस्मिक निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण का उद्देश्य स्पष्ट था। रात के समय मरीजों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही, अव्यवस्था या गैरहाजिरी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने बिना पूर्व सूचना के अस्पताल परिसरों में पहुंचकर इमरजेंसी सेवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती, तथा रात्रिकालीन व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अशोक कुमार एवं उप मुख्य चिकित्साधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरांयअकिल (एफ.आर.यू.) का निरीक्षण किया। वहीं जिला पूर्ति अधिकारी मंगेश कुमार मौर्य एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी मंझनपुर नीरज कुमार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू (एफ.आर.यू.) की व्यवस्थाओं की जांच की। इसके अतिरिक्त मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार एवं जिला विकास अधिकारी शैलेन व्यास ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कनैली (एफ.आर.यू.) का रात्रि में आकस्मिक निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड का जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि रात्रि में भी चिकित्साधिकारी मौके पर मौजूद रहें। प्रसव सेवाओं, 24×7 लैब टेस्ट की सुविधा, सी-सेक्शन की उपलब्धता, दवाओं की स्थिति एवं आवश्यक उपकरणों की कार्यशीलता की सख्ती से जांच की गई। ठंड के मौसम को देखते हुए मरीजों के वार्डों में हीटर की व्यवस्था, पर्याप्त कंबलों की उपलब्धता तथा मरीजों के लिए स्वच्छ आर.ओ. पेयजल की सुविधा को भी परखा गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मरीजों व उनके परिजनों से सीधे संवाद कर सेवाओं की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। स्टाफ के व्यवहार, समय पर इलाज और साफ-सफाई की स्थिति को लेकर भी स्पष्ट सवाल किए गए। अधिकारियों ने मौके पर ही दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनुपस्थिति या मरीजों से दुर्व्यवहार की शिकायत मिली तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई तय मानी जाएगी।
हालांकि निरीक्षण के दौरान तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रात्रिकालीन व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि यह स्थिति बनाए रखना अनिवार्य है, न कि केवल निरीक्षण के समय। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार आगे भी ऐसे औचक निरीक्षण लगातार किए जाएंगे, ताकि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अनुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके और आम जनता को हर हाल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।
ब्यूरो रिपोर्ट- राकेश दिवाकर/विपिन दिवाकर (विश्व सहारा हिंदी दैनिक) व Bharat TV Gramin 9648518828

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