डीएम ने जिला पोषण समिति की बैठक में दिए सख्त निर्देश

डीएम ने जिला पोषण समिति की बैठक में दिए सख्त निर्देश
कौशांबी जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने बुधवार को उदयन सभागार में जिला पोषण समिति की महत्वपूर्ण बैठक कर जनपद में संचालित पोषण एवं आंगनबाड़ी सेवाओं की गहन समीक्षा की। बैठक में पोषण योजनाओं के क्रियान्वयन, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, बच्चों व महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं तथा संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) से निजी भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची पांच दिवस के भीतर तैयार की जाए और जिला पंचायतराज अधिकारी व खंड विकास अधिकारियों से समन्वय कर उन्हें अनिवार्य रूप से सरकारी भवनों में शिफ्ट कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।
जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन निर्धारित समय पर खुलें। लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र भेजने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को सीडीपीओ कार्यालयों में स्थित गोदामों की खंड विकास अधिकारियों से जांच कराने और पाई गई कमियों को शीघ्र दूर कराने के निर्देश भी दिए।
पोषण ट्रैकर की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने फीडिंग में शत-प्रतिशत प्रगति लाने पर जोर दिया। उन्होंने सीडीपीओ एवं मुख्य सेविकाओं से सैम (अत्यंत कुपोषित) एवं मैम (मध्यम कुपोषित) बच्चों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि ऐसे बच्चों की सही पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाए और उनके स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी व फॉलोअप किया जाए। साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी को सीडीपीओ और मुख्य सेविकाओं के कार्यों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
होम विजिट की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा की जा रही होम विजिट का सत्यापन भी कराया जाए, ताकि कार्य की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। वीएचएसएनडी सेशन की समीक्षा में पोषण ट्रैकर पर अपेक्षित फीडिंग न पाए जाने पर सीडीपीओ चायल, कनैली और सरसवा को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए।
निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता को शेष केंद्रों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। अंत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन द्वारा अनुमन्य सभी सुविधाएं लाभार्थियों को समय से मिलनी चाहिए और आईजीआरएस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से किया जाए।
इस दौरान बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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