प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा सामने आया, जब सेक्टर-5 स्थित नारायण शुक्ला धाम शिविर में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा शिविर विकराल रूप में जलने लगा। इस हादसे में शिविर में लगे लगभग 15 टेंट और आसपास की कई दुकानें जलकर राख हो गईं। शिविर में रह रहे कल्पवासियों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, हालांकि झुलसने की भी सूचना है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय अचानक शिविर के एक हिस्से से धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने पूरे शिविर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे अफरा-तफरी मच गई। कल्पवासी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही माघ मेला क्षेत्र में तैनात पुलिस व प्रशासनिक अमला हरकत में आया। तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, जिसके बाद दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत और लगातार पानी की बौछार के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक नारायण शुक्ला धाम का मुख्य शिविर पूरी तरह जल चुका था और आसपास की कई दुकानें भी जलकर राख में तब्दील होने की खबर है।
राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी कल्पवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। झुलसे व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। फिलहाल किसी जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या जलती धूपबत्ती से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाने वाले सतुआ बाबा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से पूरे अग्निकांड की जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रशासन को पीड़ितों की हर संभव मदद करने और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मेला प्रशासन ने दावा किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए फायर सेफ्टी व्यवस्था, और निगरानी को और सख्त किया जाएगा।
रिपोर्ट चीफ एडिटर- राकेश दिवाकर 9648518828
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