फतेहपुर विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित संवर्धन कार्यक्रम में सैकड़ों पीएलवीज को मिला प्रशिक्षण कौशाम्बी के दो स्वयंसेवक ममता...
फतेहपुर विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित संवर्धन कार्यक्रम में सैकड़ों पीएलवीज को मिला प्रशिक्षण
फतेहपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नाल्सा) एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फतेहपुर द्वारा सोमवार को सरदार वल्लभभाई पटेल सभागार में भव्य संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी और प्रतापगढ़ जिलों से आए सैकड़ों पराविधिक स्वयंसेवकों (पीएलवीज) ने हिस्सा लिया। पूरे दिन चले इस प्रशिक्षण में विभिन्न विधिक और सामाजिक विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पीएलवीज को सम्मानित किया गया, जिसमें कौशाम्बी के ममता दिवाकर और अमरदीप दिवाकर सर्वश्रेष्ठ पराविधिक स्वयंसेवक चुने गए।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। इसके बाद माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फतेहपुर, सुधीर कुमार पंचम ने अपने उद्बोधन में कहा कि पीएलवीज समाज के अंतिम पायदान तक न्याय पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी जागरूकता और दक्षता जितनी अधिक होगी, न्याय व्यवस्था उतनी ही सशक्त और प्रभावी बनेगी।प्रशिक्षण कार्यशाला को चार तकनीकी सत्रों में विभाजित किया गया। पहले सत्र में पराविधिक स्वयंसेवकों को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के साथ आशा, साथी, जागृति कार्यक्रमों की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। दूसरे सत्र में कारा व्यवस्था, पॉक्सो अधिनियम और पॉश एक्ट के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा हुई। तीसरे सत्र में बाल श्रम, बाल विवाह निषेध अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और सखी वन स्टॉप सेंटर की भूमिका पर जानकारी दी गई। मनोवैज्ञानिक मोहिनी साहू ने वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली और पीड़ित महिलाओं को मिलने वाली सेवाओं पर विस्तार से बताया।चौथे सत्र में सभी जिलों के उत्कृष्ट पीएलवीज—राम प्रकाश पाण्डेय, सुमन शुक्ला और अमरदीप दिवाकर—ने फील्ड में किए गए कार्यों के दस्तावेजीकरण, रिपोर्टिंग और वास्तविक चुनौतियों के समाधान पर अपने अनुभव साझा किए।अंतिम सत्र में कौशाम्बी, फतेहपुर और बांदा के डीएलएसए सचिवों ने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब देते हुए उन्हें विधिक सहायता से संबंधित प्रक्रियाओं की बारीकियां समझाईं। समापन के दौरान सभी जिलों के दो-दो सर्वश्रेष्ठ पीएलवीज को सम्मानित किया गया। कौशाम्बी से ममता दिवाकर और अमरदीप दिवाकर को जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फतेहपुर द्वारा मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और सैकड़ों की संख्या में उपस्थित पीएलवीज ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया। न्यायाधीश महोदय ने कहा कि प्रशिक्षण किसी भी संगठन के लिए निवेश की तरह है, जो कार्यबल को अधिक सक्षम बनाता है और उन्हें भविष्य की परिस्थितियों के लिए तैयार करता है।पूरे आयोजन में पांच जिलों से आए प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सफल और प्रेरणादायक रहा।
कौशाम्बी के दो स्वयंसेवक ममता दिवाकर व अमरदीप दिवाकर को सर्वश्रेष्ठ पराविधिक सम्मान
रिपोर्ट- राकेश दिवाकर
9648518828
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